बस्तर का प्रवेश द्वार केशकाल घाटी को क्यों कहा जाता है? जानिए……!

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केशकाल घाटी Keshkal ghati छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर अंचल को अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला रास्ता केशकाल घाटी जिसे बस्तर का प्रवेश द्वार कहा जाता है। केशकाल घाटी राष्ट्रीय राजमार्ग 30 पर कोण्डागांव-कांकेर के मध्य स्थित है। केशकाल घाटी घने जगंल क्षेत्र, पहाडि़यों तथा खूबसूरत अपनी घुमावदार सड़क और प्राकृतिक सुंदरता के लिये प्रसिद्व है। छत्तीसगढ़ में केशकाल घाटी को तेलिन घाटी व बारा भांवर यानि बारह घुमावदार मोड़ के नाम से भी जाना जाता है।

केशकाल घाटी बस्तर का प्रवेष द्वार होने के साथ-साथ रायपुर जगदलपुर से आने जाने वाले हर यात्रियों के लिए केशकाल घाटी बहुत खास होता है, जिसका हर यात्री इंतेज़ार करता है ख़ासकर जो पहली बार यात्रा कर रहा है।

केशकाल घाटी का इतिहास :-

केशकाल घाटी बस्तर और दक्षिण भारत छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाली इस अकेली सड़क है जंहा बरसात के दिनों में बड़े पत्थरों के रोड में गिरने से यहां बहुत लम्बा जाम लग जाता है.. जिससे यात्री गाड़ियों व मालवाहक गाड़ियों के लिए परेशानियों का जड़ बन जाता है, यह सिर्फ एक ही रास्ता होने के कारण काफी परेशिानियों का सामना करना पड़ता है यह कोंडागांव जिले के एक पर्वत में स्थित केशकाल घाटी सर्पाकार सड़को के लिए प्रसिद्व है..

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केशकाल घाटी का निर्माण कार्य सन् 1879 में शुरूवात किया गया था, पहाड़ तोड़ कर रास्ता निकालने का कार्य सन् 1890 में पूर्ण हुआ। पहाड़ से रास्ता निकल जाने से बस्तर का संपर्क बाहरी दुनिया से होने लगा। इससे बस्तर के व्यवसाय एवं विकास की संभावना बाहरी दुनिया से होने लगा, यह निर्माण कार्य लगभग 10 से 11 वर्ष लगे थे।

सन् 1890 में केशकाल गॉव का क्षेत्र जंगल झाड़ी से भरा हुआ था… वहां न कोई गाँव था, न ही कोई आबादी, पहाड़ों की वजह से आगे जाने का रास्ता पूर्णतः अवरूद्ध था। जिसे तोड़ कर बीच से रास्ता निकालने का निश्चय किया ताकि बस्तर राज्य का संपर्क बाहरी दुनिया से हो सके। जिसे सन् 1890 में पूर्ण किया गया।

केशकाल घाटी का मंदिर :-

केशकाल घाटी रायपुर जगदलपुर हाइवे में पड़ने वाला खूबसूरत रास्ता है, जिसे लोग अक्सर आने जाने में याद करते है इस घाट में एक मंदिर स्थित है.. जिसे तेलिनसती मंदिर के नाम से जाना जाता है, तेलीनसती मंदिर आने जाने वाले यात्रियों के लिए एक आस्था का मंदिर है… यहां आने जानें वाले सभी वाहन कुछ समय के लिए जरूर रूकते है… और मंदिर का प्रसाद लेते जातें है।

तेलिन मां

केशकाल घाटी में कितने मोड़ है :-

केशकाल घाटी में मुख्यत: 12 मोड़ तथा इस घाटी की लम्बाई लगभग 5 कि0मी0 है जिसे बारा भांवर यानि बारह घुमावदार मोड़ भी कहा जाता है। इस घाटी में बारह भंवर चढ़ने के बाद अंन्तिम उंचाई में सीता पंचवटी स्थित है…अगर केशकाल घाट की प्राकृतिक सौदर्य का आनंन्द लेना चाहते है…

तो खुली गाडी या पैदल या बाईक से जायें जिससे केशकाल घाट की प्राकृतिक सौंदर्य का आनंन्द लिया जा सकता है। अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो तो कमेंट करके जरूर बताऐ और ऐसी ही जानकारी daily पाने के लिए हमारे Facebook Page को like करे इससे आप को हर ताजा अपडेट की जानकारी आप तक पहुँच जायेगी।

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