विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को क्यों मनाया जाता है? | 9 August Ko Vishv Adivasi Divas Kyon Manaya Jata Hai?

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विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को क्यों मनाया जाता है वर्ष 1982 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने आदिवासियों के भले के लिए एक कार्यदल गठित की थी, जिसकी बैठक 9 अगस्त 1982 को हुई थी. उसी के बाद से संयुक्त राष्ट्र संघ ने अपने सदस्य देशों में प्रतिवर्ष 9 अगस्त को ‘विश्व आदिवासी दिवस World Tribal Day’ मनाने की घोषणा की। विश्व आदिवासी दिवस आबादी के अधिकारों को बढ़ावा देने और उनकी सुरक्षा के लिए प्रतिवर्ष 9 अगस्त को विश्व के आदिवासी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाया जाता है।

23 दिसंबर 1994 के संकल्प 49/214 द्वारा, संयुक्त राष्ट्र महासभा ने निर्णय लिया कि विश्व के आदिवासी लोगों के अंतर्राष्ट्रीय दशक के दौरान अंतर्राष्ट्रीय आदिवासी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस हर साल 9 अगस्त को मनाया जाएगा। विश्व के आदिवासी लोगों का अंतर्राष्ट्रीय दिवस पहली बार संयुक्त राष्ट्र की महासभा द्वारा दिसंबर 1994 में घोषित किया गया था।

जिसे हर साल विश्व के आदिवासी लोगों (1995-2004) के पहले अंतर्राष्ट्रीय दशक के दौरान मनाया जाता है। 2004 में असेंबली ने “ए डिसैड फ़ॉर एक्शन एंड डिग्निटी” की थीम के साथ, 2005-2015 से एक दूसरे अंतर्राष्ट्रीय दशक की घोषणा की। 1982 में मानव अधिकारों के संवर्धन और संरक्षण पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह की मूलनिवासी आबादी पर संयुक्त राष्ट्र कार्य समूह की पहली बैठक का दिन। खासकर इसे भारत के आदिवासियो द्वारा धूम धाम स मनाया जाता है, जिसमे रास्तो में रैली निकाली और मंच में झामाझम कार्यक्रम मनाया जाता है।

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विश्व आदिवासी दिवस क्या है?

विश्व आदिवासी दिवस प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को पूरी दुनिया में विभिन्न क्षेत्रों में रहने वाले आदिवासी समुदाय सामुदायिक कार्यक्रम का आयोजन करते है। जिसमे अपने सभ्यताओं और रीति-रिवाजों के उत्सव के रूप में मनाते हुए सामूहिक रूप से खुशियों का इजहार करते हैं।

आदिवासी समुदाय प्रकृति पूजक होते है। इन दिन खुशी के मौके पर प्रकृति में पाये जाने वाले सभी जीव, जंतु, पर्वत, नदियां, नाले, खेत, सूरज, चंद इत्यादि इन सभी की पूजा करते है। आदिवासी समुदाय मानते है कि प्रकृति की हर एक वस्तु में जीवन होता है।

विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को क्यों मनाया जाता है?

विश्व आदिवासी दिवस 9 अगस्त को संयुक्त राष्ट्र संघ ने 9 अगस्त 1982 को आदिवासियों (Tribes) के हित में एक विशेष बैठक आयोजित की थी। तब से इस तारीख को जागरूकता बढ़ाने और दुनिया की स्वदेशी आबादी के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रत्येक वर्ष 9 अगस्त को “विश्व आदिवासी दिवस World Tribal Day मनाया जाता है।

यह आयोजन उन उपलब्धियों और योगदानों को भी मान्यता देता है जो स्वदेशी लोग पर्यावरण संरक्षण जैसे विश्व के मुद्दों को बेहतर बनाने के लिए करते हैं।

विश्व आदिवासी दिवस कितने देशों में मनाया जाता है? | World tribal day

विश्व आदिवासी दिवस पुरे विश्व में इस दिन इस दिवस को मनाने के लिए सबसे पहली बार शुरुआत सयुंक्त राज्य अमेरिका में 1994 में मनाया गया था। पुरे विश्व में 9 अगस्त को विश्व आदिवासी दिवस यानी World tribal day मनाया जाता हैं।

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भारत के किस राज्य में कितने आदिवासी रहते है?

  • झारखंड 26.2%
  • पश्चिम बंगाल 5.49%
  • बिहार 0.99%
  • उत्तर प्रदेश 0.07%
  • अरूणाचल 68.08%
  • त्रिपुरा 31.08%
  • मिजोरम 94.04%
  • मनीपुर 35.01%
  • सिक्किम 33.08%
  • मेघालय 86.01%
  • नगालैंड 86.05%
  • असम 12.04%

विश्व मे आदिवासियों का जनसंख्या कितना है?

विश्व में 37 करोड़ आदिवासी समुदाय के लोग रहते है, जो अपनी सभ्यता और रीति-रिवाजों को अपने सीने से लगा कर सदैव चलता रहा है। हड़प्पा संस्कृति और मोहनजोदड़ो की खुदाई में पाये गये बर्तन में आज भी आदिवासी समुदाय के लोग खाना खाते हैं। भारत मे आदिवासी का संवैधानिक नाम अनुसूचित जनजाति है। 2011 के जनगणना के अनुसार जिसकी जनसंख्या 10.45 करोड़, जो भारत के जनसंख्या कर 8.6% है।

भारत के प्रमुख आदिवासी समुदायों में मुंडा, बोडो, भील, उरांव, लोहार, परधान, खासी, सहरिया, गोंड, खड़िया, हो, संथाल, मीणा, बिरहोर, पारधी, आंध,टोकरे कोली, आंध, मल्हार कोली, टाकणकार इत्यादि है। अगर यह जानकारी अच्छी लगी हो तो कमेंट करके जरूर बताऐ और ऐसी ही जानकारी daily पाने के लिए हमारे Facebook Page को like करे इससे आप को हर ताजा अपडेट की जानकारी आप तक पहुँच जायेगी।

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