छत्तीसगढ़ की सुप्रसिद्ध ऐतिहासिक माता मावली मेला नारायणपुर-Mata Mavali Mela Narayanpur

0
167
छत्तीसगढ़-की-सुप्रसिद्ध-ऐतिहासिक-माता-मावली-मेला-नारायणपुर-Mata-Mavli-Mela-Narayanpur

नारायणपुर Narayanpur माता मावली मेला Mata Mavli Mela बस्तर में नारायणपुर मेला एक ऐसा उत्सव है जो छत्तीसगढ़ के आदिवासियों की पुरानी परंपराओं और रीति-रिवाजों की कई अलग अलग झलक देखने को मिलती है। नारायणपुर माता मावली मेला बस्तर के साथ साथ पूरे छत्तीसगढ़ विश्व प्रसिद्व मेला माना जाता है।

माता मावली मेला बस्तर का सबसे प्राचीन मड़ई-मेलों में से एक है। जो लोक कला और संस्कृति का संगम है यह मेला नारायणपुर Narayanpur जिले का ऐतिहासिक प्राप्त मड़ई मेला है। मालवी मड़ई में अंचल के आदिवासियों की लोक कला और संस्कृति पुरानी परंपराओं और रीति-रिवाजों की झलक देखने को मिलती है।

यह मेला संस्कृति और परम्पराओं का हिस्सा है जो सदियों से चलता आ रहा है माता मावली मेला Mata Mavli Mela में लगभग 84 परगना के देवी देवता शामिल होते है जिसके बाद मावली मंदिर के पास पिपल पेड़ के नीचे नगाड़ों थाप पर अपना शक्ति प्रदर्शन करते है।

यह भी पढें – नारायणपुर जिले की रोचक जानकारी

माता मावली मेला Mata Mavli Mela में 84 परगना के पधारे देवी देवता माता मावली मंदिर से आंगा, डोली, छत्र, झंडा आदि लेकर मार्ग में परम्परा और रीति रिवाज से नाच गान, उछल कूद करते हुए पूरे मेला में परिक्रमा करते है माता मावली मेला Mata Mavli Mela लगभग 8 दिन तक लगा हुआ रहता है

जिससे देखने नारायणपुर के आस-पास के अलावा दूर-दूर से भी इस मेला का आंनद लेने पंहोचते है इस माता मावली मेला प्राचीन काल से लगातार भरता आ रहा है। किवदंतियों के अनुसार यह मड़ई आज से लगभग 800 वर्ष पूर्व से भी अधिक समय से आयोजित हो रहा है।

माता मावली मेला Mata Mavli Mela में स्थानीय लोगों के सगे-संबंधी दूर-दूर से यहां की लोक, कला, संस्कृति, रीति-रिवाज और परम्पराओं से रूबरू होने एवं देखने प्रति वर्ष हजारों की संख्या में आते हैं, इस मेला में लोग दूर दूर से आकर अपनी कलाओं का प्रदर्शन करते हैं, और अपने जरूरत के बहुत सारी सामग्रियों का क्रय भी करते हैं।

कैसे पहुचें नारायणपुर

नारायणपुर एयरपोर्ट्स मार्ग – नारायणपुर के समीप एयरपोर्ट्स स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट रायपुर नारायणपुर से लगभग 226 कि.मी. एंव जगदलपुर एयरपोर्ट से नारायणपुर लगभग 123 कि.मी. की दूरी पर है।

यह भी पढें – नारायणपुर जिले का अनदेखा जलप्रपात

नारायणपुर रेलवे मार्ग – जगदलपुर रेलवे स्टेशन 123 कि0मी0 निकटतम रेलवे स्टेशन के साथ-साथ शहर तक पहुँचने के लिए एक प्रमुख रेलवे है।

बस मार्ग राष्ट्रीय राज मार्ग क्रमांक 49 जिला नारायणपुर से कोण्डागॉव जिले से होकर गुजरती है। तथा राष्ट्रीय राज मार्ग नियमित उपलब्ध बस सेवाओं से छत्तीसगढ़ राज्य के किसी भी हिस्से से नारायणपुर बडे आसानी से पहुंचा जा सकता है। नारायणपुर से कोण्डागॉव की दूरी 48 किलोमीटर एंव रायपुर 229 किमी है जिले में यातायात का प्रमुख साधन सडक मार्ग है ।

बस सेवाओ के जरिये विभिन्न उपलब्ध से आसानी से पहुँच सकते है:-

  • रायपुर – अभनपुर – धमतरी – कांकेर – कोंडागांव – नारायणपुर
  • रायपुर – अभनपुर – धमतरी – चारामा – भानुप्रतापपुर – अंतागढ़ – नारायणपुर
  • राजनांदगांव – दल्ली राजहरा – भानुप्रतापपुर – अंतागढ़ – नारायणपुर
  • जगदलपुर – कोंडागांव – नारायणपुर

इस तरह से नारायणपुर तक पहोंचा जा सकता है ऐसी ही जानकारी daily पाने के लिए Facebook Page को like करे इससे आप को हर ताजा अपडेट की जानकारी आप तक पहुँच जायेगी ।

!! धन्यवाद !!

 

इन्हे भी एक बार जरूर पढ़े :-
बस्तर का पहला भारतीय हालीवुड हीरो द टाईगर बाय चेंदरू
शरीर को ऊर्जा, स्फूर्ति देने वाला बस्तर का पारम्परिक आहार लांदा
लुप्त होता जा रहा है बस्तर का देसी थर्मस तुमा
बस्तर की गोदना प्रथा की असली कहानी

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here