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तुलार गुफा में होती है, भगवान शिव की विशेष पूजा – Tular Gufa Bastar

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तुलार गुफा Tular Gufa तो आज आप को ऐसे पर्यटन स्थल से रूबरू करवाते है, जहाँ की बहुत कम लोगो को जानकारी है, घने जंगलो और पहाड़ो के बीच स्थित इस पर्यटन स्थल का नाम है तुलार गुफा Tular Gufa,

यह गुफा दन्तेवाड़ा जिला के समीपवर्ती सीमा क्षेत्र बीजापुर Bijapur जिला के भैरमगढ़ Bhairamgarh विकासखंड के तोड़मा गाँव में स्थित है। तुलार गुफा Tular Gufa दूसरे गुफा से इसलिए अलग है, क्योंकि इस गुफा का शिवलिंग जिस जगह पर स्थापित हैं, वहां पर गुफा के ऊपरी हिस्से से लगातार पानी टपकता रहता है।

भगवान शिव तुलार गुफा

यह गुफा में पूजा करने वाले पंडित गुफा में मौजूद लोगो के अनुसार चंद्रमा की स्थिति के हिसाब से पानी की मात्रा कभी कम व कभी ज्यादा होती रहती है, वर्षा ऋतु में शिव लिंग के ऊपर पानी की धार बूंद हमेशा टपकता रहता है। शिवलिंग पर रिस कर गिरने वाले पानी को ग्रामीण व श्रधालु गंगा जल पवित्र मानते है व तुलार गुफा Tular Gufa दर्शन के बाद इसे अपने साथ लेकर जाते है।

तुलार गुफा Tular Gufa धारवाड़ शैली की गुफा है इस गुफा की लंबाई लगभग 9 मीटर है यह गुफा पर्वत के किनारे में स्थित है। कार्तिक पूर्णिमा एवं शिव रात्रि में विशेष पूजा पर्व के अवसर पर भक्तगण पहुँचते है।

कैसे पहुंचे तुलार गुफा Tular Gufa

तुलार गुफा Tular Gufa यह गुफा जगदलपुर से लगभग 132 कि0मी0 दूर पर स्थित है। वैसे तुलार गुफा Tular Gufa बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक अंतर्गत स्थित है, पर अधिकांश लोग बारसूर से ही तुलार गुफा दर्शन के लिए जाते है।

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बारसूर से 20 कि0मी0 कच्ची सड़क मार्ग से दो पहिया वाहन, सायकिल से पहुँचा जा सकता है उसी बीच इन्द्रावती नदी के दो तट पार करने के बाद गोदुम, कोसलनार, मंगनार गॉव, होते हुए तुलार गुफा Tular Gufa पहुंचा जा सकता है।

चारों ओर घनघोर जंगल होने के कारण यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता आकर्षण का केन्द्र है। वर्षा ऋतु में इन्द्रावती नदी में पानी भर जाने से मार्ग अवरुद्ध हो जाता है। गीदम विकास खण्ड के ग्राम छिंदनार इन्द्रावती नदी से डोंगी नाव के माध्यम से भी पहुंचा जा सकता है। अति सवेंदनशील क्षेत्र होने के कारण शेष दिनों में प्रतिबंधित रहता है।

शिवरात्रि में विशेष

इस जगह के अलावा चित्रकोट chitrakoot, चपका Chapka, रामाबूटी ramabuti, बचेली समलूर में भव्य महा शिवरात्रि मेले का आयोजन किया जाता है और कोटमसर की गुफा में प्राकृतिक रूप से तैयार शिवलिंग, बैलाडीला पर स्थित रामाबूटी,

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बचेली स्थित लिंगेश्वर मंदिर व फूलपाड़ जलप्रताप के ऊपर स्थापित शिवालय में भी भक्तगण की भारी मात्रा में भीड़ जुटती है। उम्मीद करता हूँ यहं जानकारी आप को पसंद आई। हो सके तो अपने दोस्तो के साथ भी शेयर जरूर करे। ऐसी ही जानकारी daily पाने के लिए हमारे Facebook Page को like करे इससे आप को हर ताजा अपडेट की जानकारी आप तक पहुँच जायेगी।

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