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बस्तर का इतिहास के बारे में नहीं जानते होगें आप – History of Bastar jagdalpur

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बस्तर का इतिहास के बारे में नहीं जानते होगें आाप History of Bastar jagdalpur chhattisgarh छत्तीसगढ़ के बस्तर का इतिहास के बारे में बता दे बस्तर भारत के छत्तीसगढ़ प्रदेश के दक्षिण दिशा में स्थित जिला है बस्तर जिले एवं Bastar संभाग का मुख्यालय जगदलपुर शहर है यह पहले दक्षिण कोशल के नाम से जाना जाता था।

खूबसूरत जंगलों और आदिवासी संस्कृति में रंगा जिला बस्तर प्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी के तौर पर जाना जाता है बस्तर का इतिहास History of Bastar jagdalpur chhattisgarh जिले का संचालन व्यवस्थित रूप से हो सके इसके लिए 1999 में इसमें से दो अलग जिले कांकेर और दंतेवाड़ा बनाए गए बस्तर जिला छत्तीसगढ़ प्रदेश के कोण्डागांव दंतेवाड़ा सुकमा बीजापुर जिलों से घिरा हुआ है।

History of Bastar jagdalpur Chhattisgarh रामायण महाकाव्य के अनुसार बस्तर  जिले को दंड कन्या कहा गया है बस्तर जिला उत्तर पश्चिम में नारायणपुर जिला से उत्तर में कोण्डागॉव जिला से पूर्व में उड़ीसा राज्य के नवरंगपुर और कोरापुट जिला से दक्षिण और दक्षिणपश्चिम में दंतेवाड़ा जिला से घिरा हुआ है History of Bastar जिले का टोटल एरिया 10470 स्क्वायर किलोमीटर का है जिसमें से लगभग 4233 स्क्वायर किलोमीटर का एरिया जंगलों के अंतर्गत आता है।

Bastar जिले में तीन सबडिवीजन jagdalpur Bastar और तोकापाल 7 तहसील और ब्लॉक jagdalpur Bastar बकावंड लोहंडीगुड़ा तोकापाल बस्तानार और दरभा और 595 गांव आते हैं बस्तर जिले में लगभग 70% लोग ट्राइबल हैं जिनमें गोंड माडिया भतरा मुरिया हल्बा और ध्रुवा समुदाय के लोग शामिल हैं 2011 के सेंसस के अनुसार बस्तर जिले का पापुलेशन 1413199 है

जिसमें पुरूष पापुलेशन 698487 और महिला पापुलेशन 700000 है वही बात अगर जनसंख्या घनत्व की करें तो bastar जिले का जनसंख्या घनत्व 140 व्यक्ति प्रति स्क्वायर किलोमीटर है 2011 के सेंसस के अनुसार बस्तर जिले का सेक्स रेश्यो 1023 महिला प्रति 1000 पुरुष है जो बस्तर का इतिहास को यह दर्शाता है कि यहां के लोग लड़कों और लड़कियों में बिल्कुल भी फर्क नहीं करते हैं ।

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Bastar जिले धर्म के आधार पर देखा जाए तो बस्तर जिले में हिंदू 90.43% क्रिश्चियन 1.98% और अन्य धर्म के 7.59% लोग रहते हैं बात अगर साक्षरता की हो तो Bastar जिले का साक्षरता दर 54.40% है जिसमें पुरुषों की साक्षरता दर 64.82% और महिलाओं की साक्षरता दर 44.26% है किसी भी राज्य अथवा जिले का निर्माण वह किस शिक्षा शैली पर निर्भर रहता है Bastar जिले में पढ़ने के लिए कई सारे शानदार शिक्षा संस्थान मौजूद है

जहां स्कूलों में विद्या ज्योति स्कूल जगदलपुर, बस्तर हाई स्कूल जगदलपुर, निर्मल विद्यालय हायर सेकेंडरी स्कूल, डीएवी मुख्यमंत्री पब्लिक स्कूल, जवाहर नवोदय विद्यालय धर्मपुरा, संत जेवियर हाई स्कूल, संस्कार गुरुकुल माउंट लिट्रा जी स्कूल, डीपीएस जगदलपुर जबकि कॉलेजों में क्राइस्ट कॉलेज बस्तर, बस्तर यूनिवर्सिटी, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज जगदलपुर ,गवर्नमेंट नवीन कॉलेज दुर्गुकोंडल, नर्सिंग कॉलेज जगदलपुर, गवर्नमेंट इंजीनियरिंग कॉलेज जगदलपुर, गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक बस्तर, गवर्नमेंट काकटिया पीजी कॉलेज धर्मपुरा, सूर्य कॉलेज जगदलपुर, गवर्नमेंट नर्सिंग कॉलेज और कॉलेज ऑफ हॉर्टिकल्चर एंड रिसर्च स्टेशन जैसे लाजवाब कॉलेज शामिल है।

Bastar जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की करें तो Bastar जिले में अनेकों हॉस्पिटल्स हैं जहां पर बस्तर के शहरी क्षेत्रों से ही नहीं वरन ग्रामीण क्षेत्रों से भी मरीज इलाज करवाने को आते हैं बस्तर जिले के कुछ महत्वपूर्ण हॉस्पिटल्स में महारानी हॉस्पिटल jagdalpur, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज बस्तर, एमपीएम हॉस्पिटल, बंसल नर्सिंग होम, बीएसआर डायग्नोस्टिक jagdalpur और इसी तरह के कई सुविधाओं से युक्त हॉस्पिटल्स मौजूद हैं

Bastar जिले तक पहुंचने के लिए आप सड़क मार्ग और रेल मार्ग का उपयोग कर सकते हैं जहां एक और सड़क मार्ग में बस्तर से नेशनल हाईवे संख्या 30 गुजरती है और टीएसआरटीसी एपीआरडीसी और एस आरटीसी की रेगुलर बस सेवाएं जगदलपुर से आसपास के शहरों तथा राज्यों के लिए उपलब्ध है वहीं रेल मार्ग में जगदलपुर रेलवे स्टेशन विशाखापट्टनम और रायपुर जैसे शहरों से अच्छी तरह से जुड़ा हुआ है ।

Bastar जिले में पैसेंजर ट्रेंन के अलावा यह रेलवे लाइन एनएमडीसी Bacheli से आयरन और का सप्लाई विशाखापट्टनम को कर दी है बात अगर हवाई मार्ग की करें तो Bastar जिले के jagdalpur में एक एयरपोर्ट तो है परंतु उसका प्रयोग भारतीय वायु सेना के द्वारा किया जाता है दोस्तों छत्तीसगढ़ राज्य का मुख्य एयरपोर्ट यानी कि रायपुर एयरपोर्ट यहां से करीब 300 किलोमीटर की दूरी पर है

घूमने के लिहाज से देखा जाए तो History of Bastar Bastar जिले में कई सारे लाजवाब दर्शनीय पर्यटन स्थल हैं जिनमें चित्रकूट वॉटरफॉलChitrakoot Waterfall तीरथगढ़ वॉटरफॉलTirathgarh Waterfall  कांगेर घाटी नेशनल पार्क कैलाश  गुफा नारायण पाल मंदिर Narayan Pal Temple चित्रधारा वाटरफॉल Chitradhara Waterfall  मिंदरी घूमर वाटरफॉल Mindari Ghoomar Waterfall और तामड़ा घूमर वाटरफॉल TamraGhoomar Waterfall आदि मुख्य कहे जाते हैं।

जहां पर्यटक हमेशा आते रहते है और बस्तर का इतिहास में पर्व त्योहारों की बात की जाए तो Bastar जिले का दशहरा पूरे भारतवर्ष में चर्चित है यहां का दशहरा फेस्टिवल अपने आप में यूनिक है क्योंकि इस त्यौहार को यहां पर 75 दिनों तक मनाया जाता है इसके अलावा बस्तर जिले का घोटूल ट्रेडीशन भी बहुत ही पॉपुलर है।

Bastar जिले में बोले जाने वाली प्रमुख भाषाओं में हल्बी गोंडी और हिंदी मुख्य रूप से शुमार है बात अगर इकोनामी की करें तो Bastar जिले की 19 में मुख्य रूप से कृषि और जंगल के उत्पादों पर आधारित है Bastar जिले का मुख्य फसल धान है।

इसके अलावा यहां पर जंगली उत्पाद जैसे कि तेन्दू पत्ता धूप लाख अमचूर और इमली यहां के आय के मुख्य स्रोत हैं बात अगर यहां के पर कैपिटा इनकम की करें तो दोस्तों विगत वर्ष पूर्व यहां का पर कैपिटा इनकम₹16593 प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष था हर जगह की अपनी कुछ कुछ उपलब्धियां और कुछ ना कुछ समस्याएं होती हैं।

History of Bastar बस्तर जिला सरल स्वभाव जनजातीय समुदाय और प्राकृतिक संपदा से संपन्न हुए प्राकृतिक सौंदर्य एवं सुखद वातावरण का भी उड़ीसा से शुरू होकर दंतेवाड़ा की भद्रकाली नदी में समाहित होने वाली करीब240 किलोमीटर लंबी इंद्रावती नदी Bastar के लोगों के लिए आस्था और भक्ति का प्रतीक है।

इंद्रावती नदी के मुहाने पर बसा जगदलपुर का एक प्रमुख सांसद एवं हस्तशिल्प केंद्र है यहां मौजूद मानव विज्ञान संग्रहालय में बस्तर के आदिवासियों की सांस्कृतिक ऐतिहासिक एवं मनोरंजन से संबंधित वस्तुएं प्रदर्शित की गई है स्टेटस कला केंद्र बस्तर के विख्यात कला संसार की अनुपम भेंट है बस्तर जिले के लोग दुर्लभ कलाकृति उदार संस्कृति एवं सहज सरल स्वभाव के धनी ऊंची पहाड़ियों झालो गुफाओ एवं अन्य प्राणियों से भरा हुआ है।

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बस्तर महल बस्तर दशहरा दलपत सागर चित्रकूट जलप्रपात तीरथगढ़ जलप्रपात कुटुमसर और कैलाश गुफा आदि पर्यटन के मुख्य केंद्र है ऐतिहासिक रूप से क्षेत्र महाकाव्य रामायण में लंका में और महाभारत कोसला साम्राज्य का हिस्सा है बस्तर रियासत1324 ईस्वी के आसपास स्थापित हुई थी

जब अंतिम काकथिया राजा प्रताप रुद्रदेव के भाई अनंत देव ने वारंगल को छोड़ दिया और बस्तर में अपना चाही साम्राज्य स्थापित किया महाराजा आनंद एक के बाद महाराजा बेताल महाराजा पुरुषोत्तम देव महाराजा प्रताप दीप काल्दे राजपाल दिनेश संख्या बस्तर शासन की प्रारंभिक राजधानी बस्तर शहर में बताई गई।

जगदलपुर शहर में स्थानांतरित की गई बस्तर में अंतिम शासक महाराजा प्रवीर चंद्र भंजदेव1936 से1938 में राज किया महाराजा प्रवीर चंद्र भंजदेव बस्तर के सभी समुदाय मुख्यत आदिवासियों के बीच बेहद लोकप्रिय थे माता दंतेश्वरी जो अभी भी बस्तर क्षेत्र की आराध्य देवी है प्रसिद्ध दंतेश्वरी मंदिर दंतेवाड़ा में उनके नाम पर रखा गया है।

निष्कर्ष:-

दोस्तो आज हम बस्तर का इतिहास के बारे में History of Bastar jagdalpur Chhattisgarh के बारे में जाने, आपको एक बार बस्तर का यात्रा जरूर करना  चाहिए जो बहुत ही मनमोहक है बस्तर में लाजवाब दर्शनीय पर्यटन स्थल हैं जिनमें चित्रकूट वॉटरफॉल Chitrakoot Waterfall तीरथगढ़ वॉटरफॉल Tirathgarh Waterfall  कांगेर घाटी नेशनल पार्क कैलाश  गुफा नारायण पाल मंदिर Narayan Pal Temple चित्रधारा वाटरफॉल Chitradhara Waterfall  मिंदरी घूमर वाटरफॉल Mindari Ghoomar Waterfall और तामड़ा घूमर वाटरफॉल Tamra Ghoomar Waterfall हैं जो आपको बहुत ही पसंद आयेगा। ऐसे ही जानकारी Daily पाने के लिए आप हमें FacebookPage को Like करें इससें आप को हर रोज ताजा अपडेट की जानकारी आप तक पहुचं जायेगी।

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